A2Z सभी खबर सभी जिले कीLok Sabha Chunav 2024अन्य खबरेअलीगढ़ताज़ा खबर
Trending

महासागर मौसम को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारक-शिवानी जैन एडवोकेट

शिवानी जैन एडवोकेट की रिपोर्ट

महासागर मौसम को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारक-शिवानी जैन एडवोकेटScreenshot 2024 0330 191533 3

 

ऑल ह्यूमंस सेव एंड फॉरेंसिक फाउंडेशन डिस्टिक वूमेन चीफ शिवानी जैन एडवोकेट ने कहा कि

महासागर हमारी पृथ्वी पर न सिर्फ जीवन का प्रतीक है, बल्कि पर्यावरण संतुलन में भी प्रमुख भूमिका अदा करता है। पृथ्वी पर जीवन का आरंभ महासागरों से माना जाता है। महासागरीय जल में ही पहली बार जीवन का अंकुर फूटा था। आज महासागर असीम जैव विविधता का भंडार है। हमारी पृथ्वी का लगभग 70 प्रतिशत भाग महासागरों से घिरा है। महासागरों में पृथ्वी पर उपलब्ध समस्त जल का लगभग 97 प्रतिशत जल समाया हुआ है। महासागरों की विशालता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यदि पृथ्वी के सभी महासागरों को एक विशाल महासागर मान लिया जाए तो उसकी तुलना में पृथ्वी के सभी महाद्वीप एक छोटे द्वीप से प्रतीत होंगे।

थिंक मानवाधिकार संगठन एडवाइजरी बोर्ड मेंबर डॉ कंचन जैन ने कहा कि महासागरों का सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से महत्त्व मानव के लिए इन्हें अतिमहत्त्वपूर्ण बनाता है। इसलिए महासागरों के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से सन 1992 से प्रतिवर्ष “विश्व महासागर दिवस” के रूप में मनाया जाता है।विश्व महासागर दिवस’ मनाने का प्रमुख कारण विश्व में महासागरों के महत्त्व और उनकी वजह से आने वाली चुनौतियों के बारे में विश्व में जागरूकता पैदा करना है।

मां सरस्वती शिक्षा समिति के प्रबंधक

डॉ एच सी विपिन कुमार जैन, संरक्षक आलोक मित्तल एडवोकेट, ज्ञानेंद्र चौधरी एडवोकेट, डॉ एच सी राजेंद्र कुमार, डॉ आरकेशर्मा, निर्देशक डॉक्टर नरेंद्र चौधरी, शार्क फाउंडेशन की तहसील प्रभारी डॉ एच सी अंजू लता जैन, बीना एडवोकेट आदि ने कहा कि पृथ्वी के

विशाल क्षेत्र में फैले अथाह जल का भंडार होने के साथ महासागर अपने अंदर व आस-पास अनेक छोटे-छोटे नाजुक पारितंत्रो को पनाह देते हैं, जिससे उन स्थानों पर विभिन्न प्रकार के जीव व वनस्पतियाँ पनपती है। उन्होंने कहा कि महासागरों में पृथ्वी का सबसे विशालकाय जीव व्हेल से लेकर सूक्ष्म जीव भी मिलते हैं। एक अनुमान के अनुसार केवल महासागर के अंदर करीब दस लाख प्रजातियां उपस्थित हो सकती हैं। जैव विविधता से संपन्न होने के साथ ही महासागर धरती के मौसम को निर्धारित करने वाले प्रमुख कारक हैं। समुद्री जल की लवणता और विशिष्ट ऊष्माधारिता का गुण पृथ्वी के मौसम को प्रभावित करता है।

शिवानी जैन एडवोकेट

डिस्ट्रिक्ट वूमेन चीफ

Back to top button
error: Content is protected !!